काफी दिनों बाद फुर्सत से बैठा हूँ तो सोचता हूँ की एक ब्लॉग ही लिख दी जाये , जनता की काफी मांग भी आ रही थी की काफी दिनों से मैंने ब्लॉग मे नयी पोस्ट नहीं डाली है ,तो सोचा की चलो आज काफी दिनों बाद होस्टल मे बैठा हूँ और फुर्सत के क्षण भी हैं तो इस समय का कुछ सकारात्मक उपयोग किया जाये और एक ब्लॉग ही लिख दी जाये l तो ब्लॉग लिखना तो फ़ाइनल हो गया पर ब्लॉग लिखना किस मुद्दे पर है ये एक संगीन प्रश्ण सामने उभर कर आया l काफी गहन चिंतन करा तोये विचार आया की ज्यादा इधर उधर क्यूँ जाऊं , आज कल सबसे ज्वलंत मुदा तो समर इन्टर्नशिप का है जिसने सबकी बजा कर रखी है l तो ये फ़ाइनल हो गया की आज का ब्लॉग हमारे समर इन्टर्नशिप को समर्पित रहेगा l
समर इन्टर्नशिप की शुरुआत मे सारे बच्चे बड़े उत्साहित थे लेकिन जैसे जैसे दिन बीतते गए अब तो ये आलम है की जनता कह रही है की जितनी जल्दी ये बवाल ख़त्म हो उतना अच्छा l जिनकी इन्टर्नशिप मॉल वॉल मे लग गयी है वो तो फिर भी आराम की ज़िन्दगी जी रहे हैं , कम से कम दिन मे गर्मी मे तो नहीं सड़ना है , लेकिन हम जैसे बदनसीब जो की वेयरहाउस मे इन्टर्नशिप कर रहे हैं उनसे पूछो उनका दुःख दर्द l पचास डिग्री की गर्मी मे काम करने जो हालत हो रही है उसका अहसास मैं सिर्फ इस ब्लॉग के ज़रिये नहीं करा सकता , जिन जिन को ये अहसास करना है वो सिर्फ एक दिन के लिए हसनगढ़ का ट्रिप लगा ले l मुझे आज भी वो पहला दिन याद है जब हम हसनगढ़ गए थे , हमे ऐसा लगा की हमे काले पानी की सजा के लिए भेजा गया है ना की इन्टर्नशिप के लिए l हमने सोचा की इससे अच्छा तो बिग बाज़ार मे जा कर कपडे ही बेच लेते , कम से कम गर्मी मे सड़ना तो नहीं पड़ता अगले दो महीनों के लिए l खैर मजाक मजाक मे एक महिना खतम होने को आ ही गया है , देखते देखते ये इन्टर्नशिप एक बुरे सपने की तरह बीत ही जायेगा l वैसे इस इन्टर्नशिप मे जाने के बाद पता चला की हम अगले साल से अपने कॉलेज को कितना ज्यादा मिस करने वाले हैं , जब ये दो महीनो मे ये हालत हो गयी है तो तब क्या होगा इसका अहसास हो गया है मुझे तो l खैर सभी लोग जल्दी से इन्टर्नशिप का जंजाल ख़त्म करते हैं और फिर १५ जून को वापस कॉलेज मे मिलते हैं अपने अपने एक्सपेरिएंस के साथ l तब तक के लिए 'ऑल दी वेरी बेस्ट फॉर दी इन्टर्नशिप' l
ये ब्लॉग एक प्रयास है देश, दुनिया मे चल रही समसामयीक घटनाओ पर अपने विचार प्रस्तुत करने का। कुछ की नज़र मे ईमानदार, कुछ की नज़र मे समझदार, कुछ की नज़र मे बौद्धिक तो कुछ की नज़र मे बेकार। आस पास की घटनाओं पर पैनी नज़र जारी रहेगी और लिखता रहूँगा बेबाकी से। किसी की भावनाएं आहत न हो इसका पूरा प्रयास। लेकिन राष्ट्रवादी विचारधारा से कोई समझौता नहीं। मेरा प्रयास जारी रहेगा,और आपका बहुमूल्य सहयोग मिलेगा,यही उम्मीद करता हूँ।
Sunday, May 2, 2010
Wednesday, March 31, 2010
एक अनोखी कविता ...छात्रो का दुःख दर्द
नए हॉस्टल मे जाने की कर लो अब तैयारी
मस्ती लुटने की रिटेलर्स की आयी है बारी
बहुत किया सम्मान , सुबह से हो गयी शाम
नए हॉस्टल के कैम्पस मे खेलो खेल तमाम
मीटिंग हुआ , कांफेरेंस हुआ , लेकिन वहां जाना है फिक्स
सेकण्ड इयर रिटेल के साथ होगा फर्स्ट इयर भी मिक्स
जून के प्रथम सप्ताह मे होगा वहां प्रवेश
किसी भी जुनी से करना मत वहां पर लेकिन कलेश
चलो बहुत हुई भविष्य की गुफ्तगू
कुछ वर्तमान की ब़ाते भी करते मैं और तू
वर्तमान का तो ऐसा चल रहा है सीन
हर दिन ही होता है कोई नया पेपर संगीन
पढने की आदत अब हमें रही नहीं
पेपर देख के लगता है रात मे क्यूँ पढ़े नहीं
चलो सभी गुज़र चुके पेपर्स की बात करते हैं
जो उम्मीदे टूट गयी हैं उन्हें फिर से याद करते हैं
पहला पेपर था हमारा , कार्पोरेट फिनांस
इसे पढने से अच्छा है किसी के साथ कर लो रोमांस
रोमांस मे तो फिर भी कुछ खट्टी कुछ मीठी बाटे होती हैं ,
फिनांस के चक्कर मे सिर्फ आँखे रात भर नहीं सोती हैं
हमने देखा है लोगो को रात भर अपना घिसते हुए
सलाईड्स और बुक्स के चक्कर मे अपनी जवानी पिसते हुए
फिनांस के बाद आया इन्वेंटरी का वो जाल ,
ई. ओ. क्यु. के चक्कर मे कितने रिटेल स्टोर्स हुए कंगाल
कितना आर्डर करना है , कितनी बार आर्डर मंगवाना है
इन पचड़ों मे पड़ कर मुझे नहीं जान गवाना है
इन्वेंटरी के बाद हमे मिला दो दिन का आराम
सोचा सबने ठीक है करते है कुछ और काम
दो दिन की छुट्टी मे सबने खूब उडाई मौज
दारू पीने चल पड़ी दारुबाजों की फ़ौज
दारू का जो उतरा नशा तो पढ़ाई की याद आयी
कुछ पढ़ाकुओं ने फिर शुरू करी पढ़ाई
मॉल मैनेजमेंट का पेपर दे कर कुछ सुकून आया
पढ़ कर तो गए थे नहीं लेकिन अपना दिमाग खूब भिड़ाया
लेकिन फिर जब ओपरेसन रेसेर्च की बारी आयी
इस साल मे पहली बार मैंने भी किताब उठाई
ट्रांसपोर्टेसन और सिम्प्लेक्स के एक दो सवाल बनाये
पेपर देखने के बाद लेकिन एक्वेअसन भी बना ना पाए
कुछ ने 2 कुछ ने 3 कुछ ने 4 एक्वेसन बनाये
हम जैसे पढ़ाकू तो केस स्टडी तक पहुच भी ना पाए
फिर जब आयी रुरल रिटेलिंग की बारी
69 सलाईड्स पढ़ कर सभी ने की तैयारी
पेपर देख कर सब के चेहरे पर खिली मुस्कान
सबने ऐंसर शीट से खूब करी खीच तान
5 पेपर तो बीते किसी तरह , लेकिन बाकी हैं अब भी तीन
अगर इनमे पढ़ कर नहीं गए तो सीन हो जायेगा संगीन
अगर इनमे भी पढ़ कर नहीं गए तो सीन हो जायेगा संगीन
Thursday, March 25, 2010
मुझे इस कोरपोरेट फिनांस से बचाओ......
अभी पिछले ट्रेमेस्टर के रिजल्ट का दुःख ख़त्म भी नहीं हुआ था की तीसरे ट्रेमेस्टर के एग्जाम भी आ गए , और शुरुआत भी किस पेपर से , कोरपोरेट फिनांस से .. l ये ऐसा पेपर है जिसने हॉस्टल मे सारे लड़कों की नींद उड़ा रखी है , और ये तो पहला पेपर है , ना जाने आगे के पपेर्स मे क्या होने वाला है l पिछले एग्जाम मे भी मैंने और मुझ जैसे कुछ पढ़ाकू लड़कों ने ये प्रण लिया था की चलो इस बार जो हुआ सो हुआ लेकिन अगले ट्रेमेस्टर मे हम जरूर पढेंगे , लेकिन जैसे जैसे एग्जाम बीतते गए हमने उस प्रण को भी ताक पर रख दिया और जम कर बकैती काटी, और अब जब एग्जाम कल से शुरू हो रहे हैं तो फिर सोच रहे हैं की चलो इस ट्रेमेस्टर मे जो हुआ सो हुआ अगले ट्रेमेस्टर मे तो पढ़ कर ही रहेंगे l ये सिलसिला आखिरकार कब तक चलेगा l हम कब पढना शुरू करेंगे l कल कल कर के तो तीन ट्रेमेस्टर बीता दिए हमने l अरे हम मुद्दे से फिसल गए , बात करनी थी कल के पेपर की और हम तो दूसरी तरफ चले गए थे l
चलो बताते हैं कल के पेपर के बारे मे जो की कोरपोरेट फिनांस का पेपर है और जिसने सारे लड़कों की नींद उड़ा रखी है , लड़के दो तीन दिनों से बुक और लैपि ले कर पढ़े जा रहे हैं , वैसे तो कोशिश मैंने भी करी थी , लेकिन दिमाग मे कुछ खास गया नहीं तो सोचा बिना मतलब दिमाग पर जोर डालने मे कोई फायदा तो है नहीं तो फिर क्यों समय व्यर्थ करें तो फिर हमने ये निश्चय किया की चलो जो होगा देखा जायेगा और किताब को दूर रख दिया l वैसे मेरी उम्मीद के मुताबिक कम से कम दस लड़के तो होंगे ही जिन्हें कोरपोरेट फिनांस का "ऍफ़" तक नहीं आता होगा और दस ऐसे होंगे जिनसे "ऍफ़" के अलावा कुछ नहीं आता होगा , तो इसी बात को मद्देनज़र रखते हुए मैंने ये डीसाईड किया है की अब जो होगा कल देखा जायेगा ,कुछ ना कुछ तो कर के आ ही जायेंगे पेपर मे l वैसे मुझे नींद भी बहुत आ रही है और एग्जाम के पहले नींद अच्छी लेनी चाहिए तो मैं तो चला सोने , जो बच्चे अभी भी किताबों मे दिमाग घिस रहे हैं उन्हें मेरी तरफ से ढेरों शुभकामनायें , और मैं चाहूँगा की वो भी मेरे लिए भग्गू से दुआ करे l तो इन्ही शब्दों के साथ इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ , और उम्मीद करता हूँ की आप सभी पाठक अपने विशेष टिप्पणी से मेरे इस पोस्ट को ज़रूर सराहेंगे l
शुभ रात्रि और पोस्ट पढने के लिए धन्यवाद .......
चलो बताते हैं कल के पेपर के बारे मे जो की कोरपोरेट फिनांस का पेपर है और जिसने सारे लड़कों की नींद उड़ा रखी है , लड़के दो तीन दिनों से बुक और लैपि ले कर पढ़े जा रहे हैं , वैसे तो कोशिश मैंने भी करी थी , लेकिन दिमाग मे कुछ खास गया नहीं तो सोचा बिना मतलब दिमाग पर जोर डालने मे कोई फायदा तो है नहीं तो फिर क्यों समय व्यर्थ करें तो फिर हमने ये निश्चय किया की चलो जो होगा देखा जायेगा और किताब को दूर रख दिया l वैसे मेरी उम्मीद के मुताबिक कम से कम दस लड़के तो होंगे ही जिन्हें कोरपोरेट फिनांस का "ऍफ़" तक नहीं आता होगा और दस ऐसे होंगे जिनसे "ऍफ़" के अलावा कुछ नहीं आता होगा , तो इसी बात को मद्देनज़र रखते हुए मैंने ये डीसाईड किया है की अब जो होगा कल देखा जायेगा ,कुछ ना कुछ तो कर के आ ही जायेंगे पेपर मे l वैसे मुझे नींद भी बहुत आ रही है और एग्जाम के पहले नींद अच्छी लेनी चाहिए तो मैं तो चला सोने , जो बच्चे अभी भी किताबों मे दिमाग घिस रहे हैं उन्हें मेरी तरफ से ढेरों शुभकामनायें , और मैं चाहूँगा की वो भी मेरे लिए भग्गू से दुआ करे l तो इन्ही शब्दों के साथ इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ , और उम्मीद करता हूँ की आप सभी पाठक अपने विशेष टिप्पणी से मेरे इस पोस्ट को ज़रूर सराहेंगे l
शुभ रात्रि और पोस्ट पढने के लिए धन्यवाद .......
Saturday, March 13, 2010
आई. पी. एल. की आंधी जी. एन . हॉस्टल मे भी ....सट्टेबाजी का दौर शुरू .....
इस साल का मनोरंजन का बाप अपने साथ सट्टेबाजी का दौर ले कर आया है l जी हा सही पढ़ा आपने , मनोरंजन का बाप यानि की आई.पी.एल. के शुरू होते ही हॉस्टल के लड़कों मे अपनी अपनी टीम बना कर एंट्री करने की होड़ लग गयी है l ये एंट्री जो पहले तीन लड़कों के बीच शुरू हुयी थी और जिसके शुरुआत मे ही इसके समाप्त हो जाने की भविष्यवाणी कुछ महान ज्योतिषों ने करी थी , आज उसी मे एंट्री करने के लिए लड़कों ने एक्स्ट्रा फीस देकर एंट्री करने की पेशकस करी l वैसे आज जब मैच शरू हुआ था तो हम सारे ओर्गेनायीजर्स को भी इस गेम के इतना पोपुलर हो जाने की उम्मीद नहीं थी , लेकिन जैसे जैसे मैच आगे बढ़ता गया खेल का रोमांच उसी तेजी से बढ़ता गया l आज के मैच के शुरू होते ही हॉस्टल के हर कोरिडोर मे लडको की टोली टेलीविजन खोल कर मैच देखने मे लग गयी , हर रन और विकेट के साथ साथ लडको ने पूरी जोश के साथ अपनी उपस्थिति हल्ला कर कर के दर्ज कराई l ये तो अभी शुरुआत है मैच का दौर जैसे जैसे आगे बढेगा , लडको का उत्साह उतना ही आगे बढ़ते रहने की पूरी उम्मीद की जा रही है l
क्रीज पर बल्लेबाज रन बना रहे थे या बॉलर विकेट ले रहे थे तो हमारे कंप्यूटर स्क्रीन पर भी लडको के पॉइंट्स आगे बढ़ रहे थे , खैर मैच ख़त्म होने से पहले ही ये पता चाल चूका था की आज के सट्टेबाजी का विजेता अपना रघु राम होगा , और मैच के फ़ाइनल बॉल के साथ ही रघु राम को विजेता घोषित कर दिया गया l विजेता रघु राम को इनाम की राशी नीरज अगरवाल ने नगद १२० रुपये दिए , और रघु राम ने ख़ुशी ख़ुशी नगद इनाम की राशी लेते हुए तुरंत ही टक शौप की ओर प्रस्थान कर गए l
अगले मैच के लिए बिड करने वालों की संख्या मे काफी बढ़त हुयी है , और उम्मीद है की ये संख्या निरंतर ही बढ़ते रहेगी और आयी. पी. एल . की आंधी मे पूरा हॉस्टल उड़ेगा l इसी आंधी की उम्मीद मे इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ और जल्दी ही नए पोस्ट के साथ वापस आने का वादा करता हूँ l
धन्यवाद llll
क्रीज पर बल्लेबाज रन बना रहे थे या बॉलर विकेट ले रहे थे तो हमारे कंप्यूटर स्क्रीन पर भी लडको के पॉइंट्स आगे बढ़ रहे थे , खैर मैच ख़त्म होने से पहले ही ये पता चाल चूका था की आज के सट्टेबाजी का विजेता अपना रघु राम होगा , और मैच के फ़ाइनल बॉल के साथ ही रघु राम को विजेता घोषित कर दिया गया l विजेता रघु राम को इनाम की राशी नीरज अगरवाल ने नगद १२० रुपये दिए , और रघु राम ने ख़ुशी ख़ुशी नगद इनाम की राशी लेते हुए तुरंत ही टक शौप की ओर प्रस्थान कर गए l
अगले मैच के लिए बिड करने वालों की संख्या मे काफी बढ़त हुयी है , और उम्मीद है की ये संख्या निरंतर ही बढ़ते रहेगी और आयी. पी. एल . की आंधी मे पूरा हॉस्टल उड़ेगा l इसी आंधी की उम्मीद मे इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ और जल्दी ही नए पोस्ट के साथ वापस आने का वादा करता हूँ l
धन्यवाद llll
Friday, March 12, 2010
हॉस्टल मे एक स्वयंभू लव गुरु ..... एक नया अध्याय
जी हा सही पढ़ा आप सभी ने ....प्रथम वर्ष ख़त्म होते होते हॉस्टल मे आखिरकार उस लव गुरु की खोज पूरी हो ही गयी जिसकी तलाश पिछले काफी महीनो से हॉस्टल के जिज्ञासु एक तरफ़ा प्रेमियों को थी l चलो अच्छा है की अंततः एक ऐसा गुरु जिसकी तलाश सभी को थी वो मिला तो , लेकिन सोचने वाली बात ये है की इस लव गुरु को खोजा किसने l तो चलो ये भी बता देते हैं की उस लव गुरु ने स्वयं ही ये घोषित कर दिया की वो लव गुरु है , और इसलिए हमने उसे स्वयंभू लव गुरु के ख़िताब से नवाज़ा है l और ये लव गुरु अपने बारे मे बताते हैं की उन्होंने कई प्रेम कहानियो को उसके फ़ाइनल अंजाम तक पहुचाया है l खैर जब लव गुरु ने कहा है तो हम उनकी कही बात को संशय की दृष्टि से तो देख नहीं सकते , लेकिन सबसे बड़ी अचंभित करने वाली बात ये है की इन तथाकथित लव गुरु खुद की सेट्टिंग अभी तक नहीं हो पाई है l लव गुरु ने कई जगह चांस पे डांस मरने की कोशिश करी है लेकिन अभी तक दाल गली नहीं है , उम्मीद है की दाल गल भी नहीं पायेगी और इन्हें कच्ची दाल से ही काम चलाना पड़ेगा ...
खैर अभी पिछले दिनों लव गुरु ने कॉलेज के गली गली और चप्पे चप्पे पर पी. जी. डी. एम . प्रथम वर्ष की एक कन्या की की - रिंग ढूंढ़ते हुए पाए गए थे , जब लोगो ने पूछा की आप क्या ढूंढ़ रहे हैं तो लव गुरु ने बड़े ही सफाई से कन्नी काटते हुए बताया की उनके 2 रुपये के तीन सिक्के खो गए हैं और वो उसी को ढूंढने मे लगे हुए हैं , लेकिन हमें तो सच्चाई पता थी तो हमने लव गुरु को बताया की हम भी वोही की रिंग खोज रहे हैं , चलिए साझेदारी से ढूंढ़ते हैं, तब जा कर लव गुरु ने क़ुबूल किया की हा वो की रिंग ही ढूंढ़ रहे थे l खैर लव गुरु को की रिंग ढूंढने देते हैं और हम आगे की ओर प्रस्थान करते हैं और इस पोस्ट को यही पर समाप्त करते हैं , और अगर आपको भी अपने प्रेम प्रसंग को लेकर किसी गंभीर मुद्दे पर अगर कोई सलाह की आवश्यकता है तो हमारे स्वयंभू लव गुरु से सलाह लेने ज़रूर जाये, लेकिन अपने रिस्क पर ही .....
शुभ रात्रि ...
खैर अभी पिछले दिनों लव गुरु ने कॉलेज के गली गली और चप्पे चप्पे पर पी. जी. डी. एम . प्रथम वर्ष की एक कन्या की की - रिंग ढूंढ़ते हुए पाए गए थे , जब लोगो ने पूछा की आप क्या ढूंढ़ रहे हैं तो लव गुरु ने बड़े ही सफाई से कन्नी काटते हुए बताया की उनके 2 रुपये के तीन सिक्के खो गए हैं और वो उसी को ढूंढने मे लगे हुए हैं , लेकिन हमें तो सच्चाई पता थी तो हमने लव गुरु को बताया की हम भी वोही की रिंग खोज रहे हैं , चलिए साझेदारी से ढूंढ़ते हैं, तब जा कर लव गुरु ने क़ुबूल किया की हा वो की रिंग ही ढूंढ़ रहे थे l खैर लव गुरु को की रिंग ढूंढने देते हैं और हम आगे की ओर प्रस्थान करते हैं और इस पोस्ट को यही पर समाप्त करते हैं , और अगर आपको भी अपने प्रेम प्रसंग को लेकर किसी गंभीर मुद्दे पर अगर कोई सलाह की आवश्यकता है तो हमारे स्वयंभू लव गुरु से सलाह लेने ज़रूर जाये, लेकिन अपने रिस्क पर ही .....
शुभ रात्रि ...
Saturday, February 20, 2010
उथल पुथल से भरा एक और दिन समाप्त....
दिन की शुरुआत वैसी ही हुई जैसी की आशंका थी l किसी ने क्लास के आधे घंटे पहले दरवाज़े पर जमा के लात मारी , हमेशा की तरह गलियाँ सुनाते हुए मैंने पूछा किसकी मय्यत निकल रही है तो आवाज़ आयी की सालों कभी तो क्लास के लिए समय पर उठ जाया करो l तब फिर ध्यान आया की हा क्लास करना भी उतना ही ज़रूरी है जितना की ट्रिप पर जाना जरुरी था l
खैर किसी तरह नींद को भगाया , आलस को दूसरी करवट सुलाया और फिर उठा तो देखा की क्लास के लिए आधे घंटे ही बचे हैं l जल्दी जल्दी तैयार वैयार हो के कोलेज पहुच गए , क्यूंकि आज ओ. एल . टी . भी तो देना था , जैसे तैसे ओ. एल . टी. दिया और ओ. एल . टी. के टेंसन मिटने के बाद सुट्टे की दुकान की तरफ बढ़ गए , क्लास करके बाहर निकले ही थे की सी. आर. साहब ने एक खुशखबरी सुनायी की आज बी. सी. की क्लास नहीं होगी l ख़ुशी तो आसमान की ऊँचाइयों पर पहुच चुकी थी ये सुनकर ही की बी. सी . की क्लास नहीं है क्यूंकि आज के जी. डी. के टोपिक के बारे मे सुना ही नहीं था l खाना खा ही रहे थे की एक खबर सुनने को मिली की समर इंटर्नशिप को लेकर गंभीर मीटिंग बुलाई गयी है , सुट्टा मार कर जल्दी से सेमिनार हॉल मे पहुचे l मीटिंग मे समर इन्टर्नशिप के विभिन्न पहलुओं को लेकर चर्चा हुयी , आनन् फानन मे एक ज़बर्दत टास्क फोर्स का गठन किया गया , जो टास्क फ़ोर्स आने वाले 20 दिनों मे हम सभी छात्रों के समर इन्टर्नशिप को लेकर काम करेगा l हमारे समर इन्टर्नशिप को लेकर उठाया गया एक सकारात्मक कदम , खैर जल्दी से सब कुछ सलटा के वापस होस्टल पहुचे l होस्टल पहुचने के बाद हमेशा की तरह टी. टी . के टेबल पर २-२ हाथ आजमाए , क्या हुआ ये नहीं बताऊँगा ,क्यूंकि नया खीलाडी हूँ अभी l वापस आने के बाद निंद्रा की छाँव मे चले गए , शाम को किसी ने फिर आवाज़ लगाई की उठ जा , शाम को किसी से मिलने का वादा है ,और ये वादा तो हम तोड़ नहीं सकते थे , वादा पूरा किया वापस आये और 2 -३ घंटे ज़मा के बकैती की और अब पुनः निंद्रा के आगोश मे जाने की तैयारी l और जब छोना मोना दोनों को नीनी आ रही है तो हमे तो नीनी आना लाजिमी ही है , तो सभी को रात्रि की शुभकामनाओं के साथ ये पोस्ट समाप्त करता हूँ . .......
शुभ रात्रि l
खैर किसी तरह नींद को भगाया , आलस को दूसरी करवट सुलाया और फिर उठा तो देखा की क्लास के लिए आधे घंटे ही बचे हैं l जल्दी जल्दी तैयार वैयार हो के कोलेज पहुच गए , क्यूंकि आज ओ. एल . टी . भी तो देना था , जैसे तैसे ओ. एल . टी. दिया और ओ. एल . टी. के टेंसन मिटने के बाद सुट्टे की दुकान की तरफ बढ़ गए , क्लास करके बाहर निकले ही थे की सी. आर. साहब ने एक खुशखबरी सुनायी की आज बी. सी. की क्लास नहीं होगी l ख़ुशी तो आसमान की ऊँचाइयों पर पहुच चुकी थी ये सुनकर ही की बी. सी . की क्लास नहीं है क्यूंकि आज के जी. डी. के टोपिक के बारे मे सुना ही नहीं था l खाना खा ही रहे थे की एक खबर सुनने को मिली की समर इंटर्नशिप को लेकर गंभीर मीटिंग बुलाई गयी है , सुट्टा मार कर जल्दी से सेमिनार हॉल मे पहुचे l मीटिंग मे समर इन्टर्नशिप के विभिन्न पहलुओं को लेकर चर्चा हुयी , आनन् फानन मे एक ज़बर्दत टास्क फोर्स का गठन किया गया , जो टास्क फ़ोर्स आने वाले 20 दिनों मे हम सभी छात्रों के समर इन्टर्नशिप को लेकर काम करेगा l हमारे समर इन्टर्नशिप को लेकर उठाया गया एक सकारात्मक कदम , खैर जल्दी से सब कुछ सलटा के वापस होस्टल पहुचे l होस्टल पहुचने के बाद हमेशा की तरह टी. टी . के टेबल पर २-२ हाथ आजमाए , क्या हुआ ये नहीं बताऊँगा ,क्यूंकि नया खीलाडी हूँ अभी l वापस आने के बाद निंद्रा की छाँव मे चले गए , शाम को किसी ने फिर आवाज़ लगाई की उठ जा , शाम को किसी से मिलने का वादा है ,और ये वादा तो हम तोड़ नहीं सकते थे , वादा पूरा किया वापस आये और 2 -३ घंटे ज़मा के बकैती की और अब पुनः निंद्रा के आगोश मे जाने की तैयारी l और जब छोना मोना दोनों को नीनी आ रही है तो हमे तो नीनी आना लाजिमी ही है , तो सभी को रात्रि की शुभकामनाओं के साथ ये पोस्ट समाप्त करता हूँ . .......
शुभ रात्रि l
Friday, February 19, 2010
एक बार फिर से रिटेलर्स की भावनाओ का मजाक ...
अब तो ऐसा लगता है की जैसे रिटेल मे एड्मिसन ले कर हमने कोई पाप कर दिया हो , पिछले 8 महीनो मे हर मौके पर किसी ना किसी बहाने से हमारी ली जा रही है , और हम दिए जा रहे हैं I खैर और कुछ कर भी नहीं सकते, जब ओखली मे सर दिया है तो मुसक तो खाने ही पड़ेंगे l इस मौके पर एक काफी पुरानी शायरी याद आ रही है , -
" बड़े बेआबरू हो कर तेरे कुचे से हम निकले, कितने भी निकले अरमान मेरे फिर भी कम निकले " ..
खैर कोई नहीं , कुछ भी हो झेलना तो हमे ही है , और हमेशा की तरह हम झेल भी जायेंगे l
क्यूंकि इन 8 महीनो मे हमने ये तो सीख ही लिया है और कुछ सीखा हो या नहीं सीखा हो l कभी मॉल मेनिया के नाम पर हमारी भावनाओ के साथ खिलवाड़ हुआ तो अब ट्रिप के नाम पर हो रहा है l हर चौथे दिन ट्रिप की नयी तारीख बनती है , हर पांचवे दिन उस तारीख को आगे बढ़ा दिया जाता है l इन्स्युरंस वालो का प्लान बना और एक बार मे फ़ाइनल हो गया और वो 22 तारीख को गोवा जा भी रहे हैं , लेकिन रिटेल वालो के लिए कुछ भी फ़ाइनल नहीं हो रहा l
लेकिन इन सब के बीच ख़ुशी की बात ये है की 25 तारीख तक सारे छात्र छात्राओं की समर इन्टर्नशिप फ़ाइनल हो जाएगी क्यूंकि इसी वीक मे सारी टॉप कंपनीस कैम्पस मे आ रही हैं , और इस महीने के अंत तक सभी छात्रों के हाथो मे अपनी खुद की समर इन्टर्नशिप के कागजात होंगे l और वो भी तीसरे ट्रेमेस्टर के एग्जाम के पहले ..
तो दोस्तों अब फिर से इन्तेजार करिए ट्रिप की अगली तारीख का ...
" बड़े बेआबरू हो कर तेरे कुचे से हम निकले, कितने भी निकले अरमान मेरे फिर भी कम निकले " ..
खैर कोई नहीं , कुछ भी हो झेलना तो हमे ही है , और हमेशा की तरह हम झेल भी जायेंगे l
क्यूंकि इन 8 महीनो मे हमने ये तो सीख ही लिया है और कुछ सीखा हो या नहीं सीखा हो l कभी मॉल मेनिया के नाम पर हमारी भावनाओ के साथ खिलवाड़ हुआ तो अब ट्रिप के नाम पर हो रहा है l हर चौथे दिन ट्रिप की नयी तारीख बनती है , हर पांचवे दिन उस तारीख को आगे बढ़ा दिया जाता है l इन्स्युरंस वालो का प्लान बना और एक बार मे फ़ाइनल हो गया और वो 22 तारीख को गोवा जा भी रहे हैं , लेकिन रिटेल वालो के लिए कुछ भी फ़ाइनल नहीं हो रहा l
लेकिन इन सब के बीच ख़ुशी की बात ये है की 25 तारीख तक सारे छात्र छात्राओं की समर इन्टर्नशिप फ़ाइनल हो जाएगी क्यूंकि इसी वीक मे सारी टॉप कंपनीस कैम्पस मे आ रही हैं , और इस महीने के अंत तक सभी छात्रों के हाथो मे अपनी खुद की समर इन्टर्नशिप के कागजात होंगे l और वो भी तीसरे ट्रेमेस्टर के एग्जाम के पहले ..
तो दोस्तों अब फिर से इन्तेजार करिए ट्रिप की अगली तारीख का ...
Tuesday, January 26, 2010
डलहौजी के ट्रिप को लेकर छात्र छात्राओं मे उत्साह का माहौल ...
इसी महीने के अंतिम सप्ताहांत यानि की वीकेंड पर रिटेल प्रथम वर्ष को अमृतसर , धरमशाला और डलहौजी की 5 दिनों के ट्रिप पर ले जाने की योजना बन रही है l इस ट्रिप को लेकर आज कल रिटेल प्रथम वर्ष के छात्र और छात्राओं मे उत्साह का माहौल बना हुआ है l ट्रिप मे जाने को लेकर छात्र काफी ज्यादा उत्साहित हैं l छात्रों मे उत्साह का कारण ये है की इन 5 दिनों के लिए छात्रों ने कई प्लान बनाये हुए हैं , और इन प्लान की सफलता के लिए भी छात्र दृढसंकल्प हैं l वैसे अभी ट्रिप का जाना या ना जाना पक्का नहीं है , क्यूंकि अभी तक ट्रिप्स के फ़ाइनल कागजात पर दस्तखत नहीं हुए हैं l लेकिन हमारे छात्रों ने तो अभी से ही रास्ते के साजो सामान का इन्तेजाम शुरू कर दिया है l चलो ट्रिप नहीं भी गया तो ये साजो सामान यही पर यूज हो जायेंगे , क्यूंकि ये ख़राब होने वाली चीज तो हैं नहीं l कल तक ट्रिप का जाना या ना जाना फ़ाइनल हो जाने की पूरी सम्भावना है l उम्मीद है की छात्रों की भावनाओ के साथ खेलवाड़ नहीं किया जायेगा और ट्रिप जाने के कागजात पर दस्तखत हो जायेंगे l और देखने की बात ये भी है की ट्रिप पर जाने के लिए हमारे साथ कौन सी फैकल्टी तैयार होती है l वैसे अभी तक 3 फैकल्टी का नाम सामने आ रहा है , और देखने वाली बात ये है की इन तीनो मे से कौन रिस्क ले कर हमारे साथ ट्रिप पर जाने को तैयार होता है l उम्मीद है की कल तक ट्रिप भी फ़ाइनल हो जाएगी और फैकल्टी भी l
शुभकामना और विश्वास की इन्ही शब्दों के साथ उंगलियों को आराम देता हूँ l
और आज गणतंत्र दिवस की सुभकामनाओं के साथ इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ l
जय हिंद, जय भारत llll
शुभकामना और विश्वास की इन्ही शब्दों के साथ उंगलियों को आराम देता हूँ l
और आज गणतंत्र दिवस की सुभकामनाओं के साथ इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ l
जय हिंद, जय भारत llll
Thursday, January 21, 2010
जिसका सबको था इन्तजार वो घडी आ गयी ......
आज का दिन किसी के लिए खुशियाँ तो किसी के लिए दुःख का सबब ले कर आया l
सेकंड ट्रेमेस्टर के रिजल्ट आ ही गए आखिर l रिजल्ट आने का सिलसिला कल शाम
से ही शुरू हो गया था जब इन्स्युरेंस वालो के रिजल्ट उनके नोटिस बोर्ड पर लग गए थे,
उसी समय से रीटेल के जिज्ञासू छात्र छात्राओं ने एग्जमिनासन सेल के चक्कर लगा लगा
कर रिजल्ट आने का समय पता कर ही लिया था l और उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट
आज दोपहर मे ३ बजे के उपरान्त नोटिस बोर्ड पर लगा दिया गया l रिजल्ट लग जाने की
सुचना मिलते ही छात्रो मे अपना अपना रिजल्ट देखने की होड़ सी लग गयी l
छात्र चलती क्लास से भाग कर कोरिडोर मे आ गए और नोटिस बोर्ड से ऐसे चिपक गए
जैसे कोई छिपकली दीवार से चिपक जाती है l
खैर सबने रिजल्ट देखा , कही उत्साह थी तो कही निराशा l किसी के चेहरे पर अच्छे मार्क्स
की ख़ुशी थी , तो किसी की आँखों मे अच्छे मार्क्स ना आने की निराशा साफ़ झलक रही थी l
चलो जो भी हुआ अच्छा ही हुआ l आज छात्रो मे रिजल्ट आने के बाद की ख़ुशी या गम की
पार्टी मानाने की होड़ सी थी l सभी आज के इस दिन को पुरे मजे से सेलिब्रेट करना चाहते थे l
कईयों ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और आज ग्रेटर नोएडा मे जगह जगह हमारे छात्र
रिजल्ट की ख़ुशी या गम को सेलिब्रेट करते पाए गए l
लेकिन आज के इस रिजल्ट के बाद मेरा तो ग्रेडिंग सिस्टम से पुआ विश्वास ही उठ गया l
इस विश्वास के मंजिल की बुनियाद हिलने का कारण भी मैं जरूर बताऊँगा l
जैसा की आप सभी को पता ही है की पिछले ट्रेमेस्टर मे मेरे ग्रेड 5.83 थे और मेरे पीछे
तकरीबन 18 छात्र थे , और इस बार जबकि मेरे ग्रेड 6.09 आये है तब मेरे पीछे केवल
8 छात्र ही हैं l इसी कारणवश मेरे इस ग्रेडिंग सिस्टम से पूरा विश्वास ही हिल चूका है l
खैर मार्क्स की परवाह मैंने आज तक कभी नहीं की है , तो अब भी नहीं करूँगा l
आज के इस पोस्ट को यही पर विराम देता हूँ और अपने लैपटॉप के कीबोर्ड को भी
थोडा सा आराम देता हूँ l और इसी वादे के साथ इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ की
जल्दी ही अगले पोस्ट के साथ वापस आऊँगा l
l l धन्यवाद l l
सेकंड ट्रेमेस्टर के रिजल्ट आ ही गए आखिर l रिजल्ट आने का सिलसिला कल शाम
से ही शुरू हो गया था जब इन्स्युरेंस वालो के रिजल्ट उनके नोटिस बोर्ड पर लग गए थे,
उसी समय से रीटेल के जिज्ञासू छात्र छात्राओं ने एग्जमिनासन सेल के चक्कर लगा लगा
कर रिजल्ट आने का समय पता कर ही लिया था l और उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट
आज दोपहर मे ३ बजे के उपरान्त नोटिस बोर्ड पर लगा दिया गया l रिजल्ट लग जाने की
सुचना मिलते ही छात्रो मे अपना अपना रिजल्ट देखने की होड़ सी लग गयी l
छात्र चलती क्लास से भाग कर कोरिडोर मे आ गए और नोटिस बोर्ड से ऐसे चिपक गए
जैसे कोई छिपकली दीवार से चिपक जाती है l
खैर सबने रिजल्ट देखा , कही उत्साह थी तो कही निराशा l किसी के चेहरे पर अच्छे मार्क्स
की ख़ुशी थी , तो किसी की आँखों मे अच्छे मार्क्स ना आने की निराशा साफ़ झलक रही थी l
चलो जो भी हुआ अच्छा ही हुआ l आज छात्रो मे रिजल्ट आने के बाद की ख़ुशी या गम की
पार्टी मानाने की होड़ सी थी l सभी आज के इस दिन को पुरे मजे से सेलिब्रेट करना चाहते थे l
कईयों ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और आज ग्रेटर नोएडा मे जगह जगह हमारे छात्र
रिजल्ट की ख़ुशी या गम को सेलिब्रेट करते पाए गए l
लेकिन आज के इस रिजल्ट के बाद मेरा तो ग्रेडिंग सिस्टम से पुआ विश्वास ही उठ गया l
इस विश्वास के मंजिल की बुनियाद हिलने का कारण भी मैं जरूर बताऊँगा l
जैसा की आप सभी को पता ही है की पिछले ट्रेमेस्टर मे मेरे ग्रेड 5.83 थे और मेरे पीछे
तकरीबन 18 छात्र थे , और इस बार जबकि मेरे ग्रेड 6.09 आये है तब मेरे पीछे केवल
8 छात्र ही हैं l इसी कारणवश मेरे इस ग्रेडिंग सिस्टम से पूरा विश्वास ही हिल चूका है l
खैर मार्क्स की परवाह मैंने आज तक कभी नहीं की है , तो अब भी नहीं करूँगा l
आज के इस पोस्ट को यही पर विराम देता हूँ और अपने लैपटॉप के कीबोर्ड को भी
थोडा सा आराम देता हूँ l और इसी वादे के साथ इस पोस्ट को समाप्त करता हूँ की
जल्दी ही अगले पोस्ट के साथ वापस आऊँगा l
l l धन्यवाद l l
Friday, January 15, 2010
जी.एन . हॉस्टल की कोरिडोर्स और सीढ़ियों पर आशिकों का जमावड़ा .....
जनवरी की इन सर्द रातो मे जब कमरे से बाहर निकलता हूँ तो कोरिडोर्स और
सीढ़ियों को देख कर लगता ही नहीं है की ग्रेटर नोएडा का तापमान 6 डिग्री सेल्सिअस
के आस पास है l खैर ये ब्लॉग मैं भारत का तापमान बताने के लिए नहीं वरण जी.
एन . हॉस्टल की सीढ़ियों पर रात रात भर चलने वाले आशिकी का दौर के बारे मे लिखने वाला हूँ
तो उसी पर केन्द्रित करूंगा l चलो ट्रेन पटरी पर लाते हैं और बताते हैं की जनवरी की
इन सर्दियों मे भी कोरिडोर्स मे और सीढ़ियों पर तापमान इतना बढ़ा हुआ क्यूँ है ?
तो इस अनमोल प्रश्ण का जवाब भी मैं ही दूंगा क्यूंकि यहाँ पर क्विज़ मास्टर भी मैं ही हु
और क्विज़ मे भाग लेने वाला प्रतियोगी भी मैं ही l और ये क्विज़ क्लास मे होने वाली क्विजेस
की तरह बोर भी नहीं है l हा तो मैं कहा था , मैं बता रहा था की एग्जाम तो कब के खत्म
हो गए , रिजल्ट आने मे भी अभी ४ -५ दिन का समय है और ओ.एल.टी. का दौर अभी शुरू हुआ नहीं है
तो आखिर हमारे जागरूक और प्रतिभावान छात्र करे तो क्या करे , तो छात्रो ने बड़ा ही पुराना और हमेशा सही
निशाने पर लगने वाला तीर चलाया है और वो है बातो का घंटो तक चलने वाला सिलसिला l जी हा
सही पढ़ा आप लोगो ने बातो का सिलसिला , आज कल सीढियों और कोरिडोर्स मे रात के 2 - 3 बजे तक आशिकों की बातो का दौर चलता ही रहता है l और ये बेचारे आशिक अपनी बातो मे इतना ज्यादा खोये रहते है की इन्हें आस पास होने वाली बातो का कुछ भी पता नहीं रहता है और ये सभी चीजों से अनजान अपनी प्यार की दुनिया मे ही खोये रहते हैं l
चलो हम तो इनकी प्यार , इश्क और मोहब्बत भरी बातो के सफल होने की कामना करते हैं और उम्मीद करते है की जब १० साल बाद अलुमनी मीट मे आयेंगे तो उस साल की पी. पी. टी . मे हमारे बीच के २ - ३ जोड़ों के फोटो तो मिल ही जायेंगे l
खैर इन्ही शुभकामना के शब्दों के साथ इस पोस्ट को भी समाप्त करता हूँ l
पोस्ट पढने के लिए हमारे जागृत पाठको का धन्यवाद l l l l l
सीढ़ियों को देख कर लगता ही नहीं है की ग्रेटर नोएडा का तापमान 6 डिग्री सेल्सिअस
के आस पास है l खैर ये ब्लॉग मैं भारत का तापमान बताने के लिए नहीं वरण जी.
एन . हॉस्टल की सीढ़ियों पर रात रात भर चलने वाले आशिकी का दौर के बारे मे लिखने वाला हूँ
तो उसी पर केन्द्रित करूंगा l चलो ट्रेन पटरी पर लाते हैं और बताते हैं की जनवरी की
इन सर्दियों मे भी कोरिडोर्स मे और सीढ़ियों पर तापमान इतना बढ़ा हुआ क्यूँ है ?
तो इस अनमोल प्रश्ण का जवाब भी मैं ही दूंगा क्यूंकि यहाँ पर क्विज़ मास्टर भी मैं ही हु
और क्विज़ मे भाग लेने वाला प्रतियोगी भी मैं ही l और ये क्विज़ क्लास मे होने वाली क्विजेस
की तरह बोर भी नहीं है l हा तो मैं कहा था , मैं बता रहा था की एग्जाम तो कब के खत्म
हो गए , रिजल्ट आने मे भी अभी ४ -५ दिन का समय है और ओ.एल.टी. का दौर अभी शुरू हुआ नहीं है
तो आखिर हमारे जागरूक और प्रतिभावान छात्र करे तो क्या करे , तो छात्रो ने बड़ा ही पुराना और हमेशा सही
निशाने पर लगने वाला तीर चलाया है और वो है बातो का घंटो तक चलने वाला सिलसिला l जी हा
सही पढ़ा आप लोगो ने बातो का सिलसिला , आज कल सीढियों और कोरिडोर्स मे रात के 2 - 3 बजे तक आशिकों की बातो का दौर चलता ही रहता है l और ये बेचारे आशिक अपनी बातो मे इतना ज्यादा खोये रहते है की इन्हें आस पास होने वाली बातो का कुछ भी पता नहीं रहता है और ये सभी चीजों से अनजान अपनी प्यार की दुनिया मे ही खोये रहते हैं l
चलो हम तो इनकी प्यार , इश्क और मोहब्बत भरी बातो के सफल होने की कामना करते हैं और उम्मीद करते है की जब १० साल बाद अलुमनी मीट मे आयेंगे तो उस साल की पी. पी. टी . मे हमारे बीच के २ - ३ जोड़ों के फोटो तो मिल ही जायेंगे l
खैर इन्ही शुभकामना के शब्दों के साथ इस पोस्ट को भी समाप्त करता हूँ l
पोस्ट पढने के लिए हमारे जागृत पाठको का धन्यवाद l l l l l
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